महत्वपूर्ण
परिपत्रसूचनाएं
डी.जी.एस.एंड
डी संविदाओं के
लिए ई-टेंडरिंग
की सुविधा
खरीद के
क्षेत्र में विश्व
की उभरती हुई सर्वोत्तम
व्यवस्थाओं की
तर्ज पर, डी.जी.एस एंड डी
ने अपनी संपूर्ण
टेंडरिंग तथा दर
संविदा प्रक्रिया
को स्वचालित करने
के लिए ई-खरीद प्रणाली
को अपना लिया है
। सभी पूर्तिकार
अब डी.जी.एस एंड
डी के कार्यालय
में उपस्थित हुए
बिना भी ई-खरीद
प्रणाली में निहित
विषय वस्तु तथा
इसकी सेवाओं का
उपयोग कर सकते
हैं ।
वर्तमान में
पंजीकृत पूर्तिकारों
के लिए जिन सेवाओं
की पेशकश की जा
रही है, वे हैं
ः -
·
ई
-खरीद प्रणाली
के बारे में पूर्तिकारों
के लिए प्रशिक्षण
।
·
निविदा
दस्तावेज को डाउनलोड
करना ।
·
ई-मेल
द्वारा निविदा
सूचना संबंधी चेतावनी
·
बोली , काउंटर
ऑफर एवं संशोधित
ऑफर प्रस्तुत करना
।
·
बोली खुलने
संबंधी प्रक्रिया
को ऑन लाइन देखना
।
ई-खरीद प्रणाली
का प्रयोग करने
वाले पूर्तिकारों
के लिए लाभ:-
·
टेंडर
संबंधी सभी सूचनाओं
का एक स्थान पर
उपलब्ध रहना जिससे
कि वे निर्णय ले सकें कि किस
निविदा में भाग
लेना है ।
·
लघु एवं
मध्यम दर्जे के
उद्यमियों हेतु
आसान भागीदारी
।
·
निविदा
में भाग लेने के
लिए कम से कम समय
लगना
·
इन
पर होने वाले खर्चे
में कमी
·
समय
पर सही सूचना की
उपलब्धता
·
अपेक्षित
जानकारी के लिए
बार-बार के आने-जाने
की आवश्यकता नहीं
। पत्राचार एवं यात्रा
पर होने वाले खर्चों
में बचत ।
·
निविदा
का जवाब स्टोर
किए गए मानक प्रपत्रों
में उपलब्ध कराना
जिससे प्रत्येक
निविदा के
लिए इस प्रक्रिया
को दोहराने की
आवश्यकता नहीं
पड़ती है ।
उपर्युक्त लाभों
को प्राप्त करने
तथा इलैक्ट्रॉनिक
माध्यम से बोली
प्रस्तुत करने
के लिए, पूर्तिकारों
को वार्षिक शुल्क
अदा करके सी-1 इंडिया
प्रा0 लि0 में अपना
नामांकन कराना पड़ता
है। इसके
अलावा,“ सूचना
प्रोद्योगिकी
अधिनियम 2000” की अपेक्षाओं
को पूरा करने के
लिए प्रस्तुत की
जाने वाली बोली
टेडिरंग फर्म के
प्राधिकृत अधिकारी
के“ डिजिटल
हस्ताक्षर” के साथ विधिवत्
रूप से अधिप्रमाणित
होनी अपेक्षित
है।
आपूर्तिकार
अपना नामांकन प्रक्रिया
के लिए नीचे दिए
गए पतेनंबर पर
संपर्क करें
मैसर्स
ज्योति अरोड़ा
सी-1 इंडिया
प्राइवेट लिमिटेड,
डी-5 डिफेंस
कॉलोनी
नई दिल्ली
110024
दूरभाष:- 919810563778
सी-1 इंडिया
के बारे में
सी 1 इंडिया
एक आई.टी. कंपनी
है जिसके कार्यालय
दिल्ली, बंगलोर तथा
हैदराबाद में हैं
एवं वह इंटरनेट
वेस्ड सोल्यूशन
को प्रमोट कर रही
है । सी 1 इंडिया ने
अपने पऊलैगशिप
उत्पादों, निविदा
प्रबंधन प्रणाली
तथा एक सिरे से
दूसरे सिरे तक
ई-खरीद प्रणाली
के लिए आई पी आर
विकसित किया है
। जो सरकार के लिए
सोर्सिंग सोल्यूशन है जिसे प्रशासनिक
सुधार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा
देश में
वेस्ट-ई-गवर्नेस प्रोजेक्ट के लिए “
गोल््डन
आइकॅन” पुरस्कार
से नवाजा गया है
। भारत में ई-खरीद
प्रणाली के क्षेत्र
में आज सी-1 इंडिया
अगुआई कर रहा है
तथा इसकी ग्राहकों
की सूची में, आंध्र
प्रदेश सरकार, 4 ( चार ) सबसे
बड़े सार्वजनिक
उपक्रम, डी.जी.एस एंड
डी तथा 50 टॉप
भारतीय कंपनियों
में से 20 ( बीस) मिल
हैं । कुछ जानी-मानी
कंपनियां यथा एकसंच्योर, एवलेट-पैकर्ड, टीसीएस, प्राइस
वाटर हाउसकूपर्स, माइक्रोसॉपऊट
तथा आई सी आई सी
आई सी इंडिया की
सहयोगी है ।
नोटिस
ÉÊनविदाकारों के
ध्यानाकर्षण हेतु
महत्वपूर्ण अनुदेश
सं.
क्यू.ए.आई.सी-11202002 दिनांक
22.10.2003
कार्यालय
ज्ञापन
विषय:-
फर्म के पंजीकरण
हेतु प्रभारों
में संशोधन
दिनांक
01.01.2004 से
पंजीकरण आवेदन
फार्म की बिक्री
तथा पंजीकरण की
विभिन्न श्रेणियों
के लिए पंजीकरण
शुल्क के संशोधित
प्रभारों की निम्नलिखित
दरें लागू होंगी
-------------------------------------------------------------------------------------------------
क्रम विवरण
प्रभार
सं.
( रू0)
-------------------------------------------------------------------------------------------------
1.
पंजीकरण की श्रेणी
पर विचार किए बिना
आवेदन फार्म 100
( हार्ड
कॉपी) की कीमत
दिनांक 1.1.2004 या
इससे पहले बेचे
गए फार्म पर कोई
अतिरिक्त
प्रभार नहीं लगेगा
। (वेबसाइट
से फॉर्म लोड
करने पर कोई
भी प्रभार नहीं
लगेगा)
2.
पंजीकरण की श्रेणी
पर विचार किए बिना
स्वदेशी
सामान के
लिए पंजीकरण प्रभार
( क
) एस एस आई
फर्मों के लिए 3500
( ख) गैर
-एस एस आई फर्मों
के लिए 5000
3.
आयातित भंडार
की आपूर्ति करने
वाली फर्मों के
लिए
पंजीकरण
प्रभार
(क) बिना भारतीय
एजेंट वाले विनिर्माता 20000
(ख) भारतीय एजेंट
वाले विनिर्माता 25000
(ग) आयातित
अतिरिक्त कल पुर्जों
के स्टॉकिस्ट 5000
(घ) आयातित
भंडार के पूर्तिकार
5000
------------------------------------------------------------------------------------------
4.
व्यय विभाग की
अनिवार्य पंजीकरण
योजना 5000
के तहत विदेशी
प्रिंसिपल के भारतीय
एजेंटों
को सूचीबध्द
करना
5. प्रत्येक मद आकार रेटिंग, जहां पंजीकरण
के
5000
भाग के रूप
में प्रमाणिक परीक्षण
के लिए
अतिरिक्त
पंजीकरण प्रभार
किया जाना है ।
प्रत्येक
मैन्युफैक्चरिंग
वर्क्स अथवा प्रत्येक(एजेंट, सटॉकिस्ट
तथा आयातित सामान
के पूर्तिकारों
के प्रिंसिपल्स
के मामले में ) के लिए अलग
से पंजीकरण प्रभार
लगाने की मौजूदा
व्यवस्था जारी
रहेगी । अतिरिक्त
सामान के पंजीकरण
के लिए भी पूरा
पंजीकरण प्रभार
लगाया जाएगा ।
ऐसे सामान
यथा बिंडो एअर
कंडीशनर्स, स्पिलिट
एअर कंडीशनर्स
आदि के मामले में
जहां मान्यता प्राप्त
प्रयोगशालाओं
में परीक्षण की
सुविधाएं उपलब्ध
नहीं हैं तथा पंजीकरण
प्रक्रिया के भाग
के रूप में गुणता
आश्वासन अधिकारियों
द्वारा टाइप-टेस्टिंग
किया जाता है, ऐसी टाइप-टेस्टिंग
के लिए अतिरिक्त
प्रभार लिया जाएगा
जैसा कि उपर्युक्त
सारणी के क्रम
सं.-5 पर दर्शाया
गया है ।
सं.
गु.आ.आई.सी-11202002 दिनांक
20.05.04
परिपत्र
विषय:-
1998 से पहले
स्थायी रूप से
पंजीकृत फर्मों
के मामले में पंजीकरण
समाप्त होने के
बारे में
1.10.1999 से डी
जी एस एंड डी का
नया मैनुअल कार्यान्वित
होने के साथ ही, यह निर्णय
लिया गया है कि
ऐसी फर्में , जो उस
समय स्थायी रूप
से पंजीकृत थीं, डी जी
एस एंड डी के साथ
उनका पंजीकरण अब
30.09.2004 तक ही
वैद्य होगा तथा
गुणता आश्वासन
के कार्यालयों
को तद्नुसार अनुदेश
दिए गए थे कि ऐसी
सभी फर्मों को
नोटिस जारी करके
उनके पंजीकरण की
संशोधित स्थिति
एवं 30.09.2004 के
बाद पंजीकरण की
निरंतरता के लिए
फिर से आवेदन करने
के संबंध में सूचित
किया जाए ।
चूंकि ऐसी फर्मों
के पंजीकरण समाप्त
होने की तारीख
अब नजदीक आ रही
है, उन फर्मों
को याद दिलाना
जरूरी है कि वे
समय रहते पंजीकरण
कराने के लिए फिर
से आवेदन कर दें
ताकि उनके आवेदन
पत्र पर कार्रवाई
की जा सके एवं बिना
किसी विराम के
नया पंजीकरण 1.10.2004 से लागू
हो सके ।
इसके अलावा नया
पंजीकरण प्रमाणपत्र
जारी करने से पहले
पुराने पंजीकरण
प्रमाणपत्र को
रद्द्द करना होगा
ताकि इसका दुयपयोग
न हो सके ।
अत: गुणता
आश्वासन के कार्यालयोंपंजीकरण
केंद्रों को सलाह
दी जाती है कि वे
अपने-अपने क्षेत्रों
में 1.10.1999 से पहले
प्रदान किए गए
पंजीकरण के सभी
मामलों की सावधानीपूर्वक
संवीक्षा कर लें
तथा 15.6.2004 तक यह सुनिश्चित
कर लें कि पहले
प्रदान किए गए
स्थायी पंजीकरण
के सभी मामलों
में नया नोटिससलाह
जारी कर दी गई है
। इन फर्मों को
नए पंजीकरण हेतु
मुक्ष्यत: 15.07.2004 तक आवेदन
करने के लिए कहा
जाए ताकि अंतिम
तारीख की भीड़-भाड़
से बचा जा सके ।
निरस्तीकरण के
लिए वे अपना पुराना
पंजीकरण प्रमाणपत्र
अपने आवेदन पत्र
के साथ अथवा बाद
में जब उनके आवेदन
प्रपत्र की प्रक्रिया
पूरी हो जाती है, तथा नया
पंजीकरण प्रमाणपत्र
जारी होने से पहले, जमा करवा
दें । सभी मामलों
में पुराने पंजीकरण
प्रमाणपत्र 1.10.2004 की स्थिति
के अनुसार औपचारिक
रूप से निरस्त
हो जाने चाहिएं
।
पूर्तिकारों
को किसी भी प्रकार
की कोई कठिनाई
न हो, इसके लिए
गुणता आश्वासन
कार्यालयपंजीकरण
केंद्र सभी आवेदन
पत्रों पर शीघ्रतापूर्वक
कार्रवाई सुनिश्चित
करें । पंजीकृत
फर्मों का डाटा
अद्यतन करने के
लिए इस अवसर का
फायदा उठाया जाना
चाहिए तथा सभी
पंजीकृत पूर्तिकर्ताओं
की एक विस्तृत
सूची 1.10.2004 की स्थिति
के अनुसार तैयार
की जानी चाहिए
।
निष्पादन
रिपोर्ट प्रस्तुत
करना :
-
डी.
जी एस एंड डी मैनुअल
के उपबंधों के
अनुसार, बोली प्रस्तुत
करने वाला पूर्तिकार, यदि वर्तमान
विगत दर संविदा
धारक है तो उसे
निविदा बोली के
भाग के रूप में
निर्णायक तारीख
की स्थिति के अनुसार
निर्धारित प्रपत्र
में पिछली तीन
दर संविदाओं के
लिए निष्पादन विवरण
प्रस्तुत करना
अपेक्षित होगा
। पिछली
( 2) दो दर संविदाओं
हेतु निष्पादन
विवरण संबंधित
निदेशक
( गुणता आश्वासन) द्वारा विधिवत्
पुनरीक्षित होना
चाहिए ।
वर्तमान दर संविदा
के लिए निष्पादन
विवरण स्वप्रमाणित
हो सकता है । निष्पादन
रिपोर्ट निविदा के
साथ प्रस्तुत की
जानी अपेक्षित
है ।
इस बात
की पुनरावृत्ति
की जाती है कि निष्पादन
विवरण टेंडर के
साथ अवश्य प्रस्तुत
किए जाएं, अन्यथा
निविदा अधूरीअनुत्तरित
होगी तथा सरसरी
तौर पर अस्वीकृत
कर दी जाएगी । निविदा
खुलने के उपरांत
निष्पादन विवरण
प्रस्तुत करने
के लिए कोई अन्य
अवसर प्रदान नहीं
किया जाएगा ।
विदेशी प्रिंसिपलों
के भारतीय एजेंटों
के लिए व्यय विभाग
की अनिवार्य पंजीकरण
योजना के अंतर्गत
पंजीकरण
डी जी एस
एंड डी की व्यय विभाग
की उपरोक्त योजना
के अधीन विदेशी
प्रिंसिपलों के
भारतीय एजेंटों
के पंजीकरण का
कार्य सौंपा गया
है ।
इस
संबंध में व्यय
विभाग को सूचित
करते हुए यह निर्णय
लिया गया है कि
डी.जी.एस एंड डी
इस श्रेणी में
पंजीकरण के लिए
भारत सरकार की
आयात एवं निर्यात
नीति की प्रतिबंधित
सूची में जो भंड़ार
आते हैं केवल उन्हीं
सामान के आवेदन
पत्रों पर विचार
करेगा । आवेदकों
से अनुरोध है कि
उपर्युक्त श्रेणी
में उल्लिखित सामान
के लिए ही अपना
आवेदन पत्र प्रस्तुत
करें ।
डी.जी.एस
एंड डी निविदा
पूछताछ के मद्दे
रिंगपूल कीमतें
कोट करने वाले
निविदाकारों के
लिए नोटिस
सामान्य
वित्तीय नियमावली, 1963 के उपबंधों
के तहत, डी.जी.एस. एंड
डी द्वारा भंडार
की खरीद अत्यधिक
किफायती तरीके
से की जाती है ।
अत: लोक सेवा हेतु
भंडार की खरीद
के लिए निविदाएं
आमंत्रित की जानी
अपेक्षित हैं जिनमें
निविदाकार को अपने
भंडार के लिए अत्यधिक
किफायती, उचित
एवं प्रतिस्पर्धी
मूल्यों को कोटपेशकश
करनी होती है ।
2. यह ध्यान
में आया है कि कुछ
मामलों में फर्में
पूल फार्मेशन
( कार्टल फॉर्मेशन)
का सहारा ले रही
हैं जिससे निविदा
प्रणाली का प्रयोजन
तथा उद्देश्य दोनों
ही विफल हो जाते
हैं । ऐसी व्यवस्था
अनैतिक है एवं
इसकी तुरंत जांच
की जानी अपेक्षित
है ।
3. यह निर्णय लिया गया है कि ऐसी फर्में पूर्तिकार जो कार्टल फार्मेशन की अनैतिक व्यवस्था का सहारा लेते हैं और कीमतों को पूल में कोट करते हैं, उन्हें लोक हित में पंजीकृत पूर