नागरिक प्रपत्र
पूर्ति तथा
निपटान महानिदेशालय
उद्देशिका
वाणिज्य
विभाग (पूर्ति विभाग) के संरक्षण
में कार्यरत, भारत सरकार
एक केंद्रीय क्रय
संगठन पूर्ति तथा
निपटान महानिदेशालय
निम्नलिखित कार्यों
के लिए उत्तरदायी
है ।
- विभिन्न
सरकारी विभागों
द्वारा अपेक्षित
सामान्य उपयोग
की मद्दों के लिए
दर संविदाएं तय
करना ।
- केंद्रीय
सरकारी विभागों
के लिए भण्डारों
की खरीद औरया निरीक्षण
करना सिवाय उन
मदों के
जिनकी खरीद और
निरीक्षण का अधिकार
इन प्राधिकरणों
को सौंपा गया है
।
- उन राज्य
सरकारों, सार्वजनिक
क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत
निकायों आदि के लिए
भण्डारों की खरीद
और या निरीक्षण
करना जो डी जी एस
एंड डी की सेवाओं
का लाभ उठाना चाहते हैं
।
- मुख्य
लेखा नियंत्रक
नई दिल्ली के कार्यालय
और कोलकाता, मुंबई
तथा चेन्नई में
इसकी शाखाओं
के माध्यम से, बशर्ते
कि अन्यथा व्यवस्था
न की गई हो, डी जी
एस एंड डी द्वारा
दी गई संविदाओं
के तहत की गई आपूर्तियों
के लिए भुगतान
का प्रबंध करना
।
- प्रमुख
पत्तनों पर आयातित
भण्डारों की निकासी
का प्रबंध करना
।
- अंडमान
और निकोबार में
तटवर्ती निर्यात
का प्रबंध करना
।
- मानकीकृत
विशिष्टियों के
अनुसार खरीददारी
को सुविधाजनक बनाना
।
- सरकार
की क्रय एजेंसियों
द्वारा प्रयोग
के लिए, अनुमोदित
भारतीय और विदेशी
विनिर्माताओं
तथा उनके एजेंटों
के रूप में पूर्तिकर्ताओं
का पंजीकरण करना
।
- वित्त
मंत्रालय के विदेशी
प्रिंसिपलों के
भारतीय एजेंटों
की अनिवार्य पंजीकरण
स्कीम के अंतर्गत भारतीय
एजेंटों को सूचीबध्द
करना ।
- पूर्ति
और गुणता प्रबंध
के क्षेत्र में
प्रशिक्षण आयोजित
करना तथा सरकारी
विभागों, स्वायत्त निकायों
एवं सार्वजनिक
क्षेत्र के उपक्रमों
को परामर्श सेवाएं
प्रदान करना ।
- इच्छुक
संगठनों के व्यक्ति
अथवा व्यक्तियों
के समूहों को क्रय
कार्यो में परामर्श
सेवाएं प्रदान
करना
- प्राकृतिक
आपदाओं के समय राहत
कार्यो के लिए
अपेक्षित विशिष्ट
अनिवार्य वस्तुओं
की पूति
की व्यवस्था करना
डी जी एस एंड
डी की प्रतिबध्दताएं
यह प्रपत्र
संगठन की प्रतिबध्दताओं
को निम्न प्रकार
से दर्शाता है:-
भाग - 1 भारत सरकारराज्य
सरकार के मंत्रालयविभाग
और अन्य सरकारी
सार्वजनिक क्षेत्र
के उपक्रमों से
संबंधित मुद्दे
- दर संविदा
प्रणाली के दायरे
मे लाने के लिए
अधिक से अधिक मदों
की निरंतर पहचान
करना ।
- दर संविदाओं
की निरंतरता को
जहां तक संभव हो
बनाए रखना ।
- संगत
एवं एकसमान नीतियों
और प्रक्रियाओं
को अपनाना ।
- प्रलेखन
और कार्य-पध्दतियों
को सरल करना ।
- प्रौद्योगिकी
प्रयोग के नवीनतमवर्तमान
रूझानों को ध्यान
में रखते हुए, खरीद
संबंधी विशिष्टियों
को अद्यतन बनाना
।
- उत्तम
गुणवत्ता वाली
वस्तुओं की खरीद
का प्रबंध करना
।
- डी जी
एस एंड डी द्वारा
उपलब्ध कराई गई
सेवाओं की प्रति-पुष्टि
के लिए मांगकर्ता
विभागों
के साथ परस्पर
संपर्क स्थापित
करना ।
- पूर्ति
और गुणता आश्वासन
स्कंध के प्रमुख
कार्यालयों में “सूचना सुविधा
केन्द्र” स्थापित
करना और
उस केंद्र पर आगतुंकों
हेतु एक रजिस्टर
रखना ताकि वे उसमें
अपनी शिकायतें,टिप्पणियां
व सुझाव, यदि कोई हो ,दर्ज कर
सकें।
- अपेक्षित
समय के दौरान सीधे
मांगकर्ता अधिकारियों
को दर संविदाओं
के तहत पूर्तियों
का प्रबंध
करने का प्रयास
करना और यदि कोई
बाधा आती है तो
उसे दूर करना ।
- मांगकर्ता
विभागों की निर्धारित
परिदान अवधि के
दौरान पूर्तियों
का प्रबंध करने
का प्रयास करना ।
- निरीक्षण
कॉल प्राप्त होने
पर,
प्रेषण-पूर्व
निरीक्षण तत्काल
करने के लिए प्रबंध
करना ।
- छह महीने
मे एक बार क्षेत्रोंअचलों
से संबंधित क्षेत्रीय
समितियों की बैठके
आयोजित करना और व्यापारियों
तथा उद्योगों के
प्रतिनिधियों
तथा मांर्गकत्ता
विभागों ,संबंधित
राज्य सरकारों,सरकारी
उपक्रमों सदस्य
राज्य के क्रय
प्रभारी निदेशकों
के नामित व्यक्तियों
और क्षेत्रों
में स्थित महत्वपूर्ण
आपूर्तिकारों
आदि के प्रतिनिधियों
से चर्चा करना
,परस्पर
संपर्क बनाना
और समन्वय स्थापित
करना।
- दर संविदाओं
के विवरणों को
दर्शाने वाली वार्षिक
पुस्तिका को प्रकाशित
करना ।
- दर संविदाओं
संबंधी अनुपूरक
सूचना और क्रय
संबंधी अन्य सूचनाएं
दर्शाने वाले मासिक
बुलेटिन
प्रकाशित करना
।
- राष्ट्रीय
समाचार-पत्रों
में एक ही छाप की
मदों को छोड़कर
उन सभी प्रमुख
मदों के लिए निविदा
सूचनाओं को प्रकाशित
करना जिनका आहरण
5 करोड़
या इससे अधिक है
- सरकारी
विभागों, स्वायत्त
निकायों और सावर्जनिक
क्षेत्र के उपक्रमों
के अधिकारियों
और कर्मचारियों
को पूर्ति एवं
गुणता प्रबंध में
प्रशिक्षण प्रदान
कराना और जहां
तक संभव हो इन संगठनों
को परामर्श सेवाएं
मुहैया कराना ।
ऐसी उम्मीद है
कि कुछ समय पश्चात
निजी क्षेत्र
को भी यह सुविधा
मुहैया करायी जा
सकेगी ।
- आपदा प्रबंधन
हेतु अपेक्षित
वस्तुओं के लिए
पूर्तिओं और विशिष्टियों
आदि का “ डेटाबैंक” रखना
- आफर की जा
रही परामर्श सेवाओं
के ब्यौरों की
सूचना राज्योंसरकारी
उपक्रमों को देना
तथा अधिकाधिक उपयोर्गकत्ताओं
को व्यावसायिक
सेवाएं प्रदान
करना।
भाग - 2 पूर्तिकर्ताओं
और दर संविदाधारियों
से संबंधित मुद्दे
- इच्छुक
पार्टियों द्वारा
सभी विवरणों को
प्रस्तुत करने
के बाद 3 महीनों के
अंदर फर्मों के
पंजीकरण
को सुनिश्चित करना
।
- संगत
एवं एक समान नीतियों
और प्रक्रियाओं
को सरल करना ।
- प्रलेखन
और कार्य-पध्दतियों
को सरल करना ।
- विशिष्टियों
और अपेक्षित परीक्षण
मानकों को समझने
के लिए उद्योग
को सहायता प्रदान
करना ।
- बिडिंग
दस्तावेजों को
पारदर्शी बनाने
के लिए निरंतर
प्रयास करना ।
- उद्योग
के साथ आवधिक रूप
से परस्पर संपर्क
बनाए रखना ।
- पूर्ति
और गुणता आश्वासन
स्कंध के प्रमुख
कार्यालयों में“सूचना सुविधा
केन्द्र” स्थापित
करना और
उस केंद्र पर आगतुंकों
हेतु एक रजिस्टर
रखना ताकि वे उसमें
अपनी शिकायतें,टिप्पणियां
व सुझाव, यदि कोई हो ,दर्ज कर
सकें।
- एकल
खिड़की प्रणाली सिंगल विंडों
सिस्टम की मार्फत
सबसे नजदीकी केंद्र
से फर्मों के पंजीकरण
की सुविधा प्रदान
करना ।
- निरीक्षण
कॉल प्राप्त होने
पर,
प्रेषण पूर्व
निरीक्षण तत्काल
करने के लिए प्रबंध
करना ।
- प्राप्त
पत्रों के तुरंत
उत्तर देना और
जहां कहीं भी आवश्यक
हो संविदा संबंधी
संशोधन-पत्र जारी करने
की व्यवस्था करना
।
- मामला
प्रस्तुत होने
के दो महीने के
अंदर उसे अंतिम
रूप देने का प्रयास
करना ।
- विवाद
संबंधी अधिक से
अधिक मामलों को
बातचीतपुनरीक्षा
समिति के माध्यम
से निपटाना।
- छह महीने
मे एक बार क्षेत्रोंअचलों
से संबंधित क्षेत्रीय
समितियों की बैठके
आयोजित करना और व्यापारियों
तथा उद्योगों के
प्रतिनिधियों
तथा मांर्गकत्ता
विभागों ,संबंधित
राज्य सरकारों,सरकारी
उपक्रमों सदस्य
राज्य के क्रय
प्रभारी निदेशकों
के नामित व्यक्तियों
और क्षेत्रों
में स्थित महत्वपूर्ण
आपूर्तिकारों
आदि के प्रतिनिधियों
से चर्चा करना
,परस्पर
संपर्क बनाना
और समन्वय स्थापित
करना।
- शिकायत
की प्राप्ति सूचना
सात कार्य-दिवसों
के अंदर भेजना
तथा शिकायत को
जल्द से जल्द
दूर करना ।
- दर संविदाओं
के विवरणों को
दर्शाने वाली वार्षिक
पुस्तिका को प्रकाशित
करना ।
- दर संविदाओं
संबंधी अनुपूरक
सूचना और क्रय
संबंधी अन्य सूचनाओं
को दर्शाने वाले
मासिक बुलेटिन
को प्रकाशित करना
।
- राष्ट्रीय
समाचार-पत्रों
में सभी प्रमुख्र
मदों के लिए एक
ही छाप की मदों
को छोड़कर, जिनका आहरण
5 करोड़
रू0 और इससे
अधिक है, निविदा सूचनाओं
को प्रकाशित करना
।
उपभोक्ताओं
के दायित्व
डी जी
एस एंड डी उन सभी
से जो इस संगठन
की सेवाओं का उपयोग
करते हैं निम्नलिखित
अपेक्षा रखता है:-
क) पूर्तिकर्ता
का दायित्व:
- सामान्य
उपयोग की अधिक
से अधिक मदों को
दर संविदा प्रणाली
के अंतर्गत लाने
के लिए सुझाव
देना ।
- भावी
निविदाकारों को
चाहिए कि वे समय
पर अपनी बिड प्रस्तुत
करें ताकि निविदा
खुलने की
तारीख को बढाने
के लिए अनुरोध
करने से बचा जा
सके ।
- विशिष्टियों
तथा निविदा शर्तों
के बारे में यदि
कोई स्पष्टीकरण
लेना है तो इसे
निविदा खुलने
की तारीख से पहले
ही भाग लेना चाहिए
।
- यह सुनिश्चित
करना कि प्रस्तुत
की गई निविदा में
सही और संपूर्ण
सूचना दी गई है
।
- यह सुनिश्चित
करना कि तदर्थ
संविदाओं के तहत
की गई पूर्तियों
की प्रगति के बारे
में मासिक
रिपोर्ट तथा दर
संविदाओं के संबंध
में तिमाही रिपोर्ट
भेज दी गई है ।
- संविदा
के नियम तथा शर्तों
का पूरी तरह से
अनुपालन करना तथा
संशोधन कराने से
बचना।
- मूल परिदान
अवधि में बिना
किसी विस्तार के
संविदा का निष्पादन
करना ।
- दर संविदा
के तहत बहुत ही
उचित दर कोट करना
ताकि दर संविदा
के चालू रहने के
दौरान डी
जी एस एंड डी की
दर सबसे किफायती
रहे ।
- संविदाकृत
विशिष्टियों के
अनुसार भंडारों
की पूर्ति करना
।
- भंडार की
गुणता के बारे
में परेषिती की
शिकायतों पर तुरंत
ध्यान देना ।
- परिदान
अवधि की लगभग समाप्ति
पर निरीक्षण बुलावे
से बचना और निरीक्षण
हेतु उचित समय देना
तथा निर्धारित
परिदान अवधि में
पूर्ति करना ।
-- कानूनी
दायरे में रहते
हुए अपना काम न्यायोचित
एवं पारदर्शी तरीके
से निपटाना
JÉ) उपयोगकर्ता विभागों
के दायित्व:
- दर संविदा
प्रणाली के लिए
सामान्य उपयोग
की और अधिक नई मदें
सुझाना ।
- दर संविदा
प्रणाली जहां कहीं
भी उपलब्ध हो वहां
इसी के द्वारा
अपनी जरूरतों को
पूरी करना
।
- दर संविदाधारी
द्वारा भेजे गए
भंडार की गुणवत्ता
के संबंध में डी
जी एस एंड डी को
जानकारी
देना ।
- यह सुनिश्चित
करना कि दर संविदा
के तहत पूर्ति
आदेश सही फार्मेट (फार्म-131) में दिया
गया है ।
- भंडार की
पूर्ति के लिए
दिए गए पूर्ति
आदेश में परिदान
की तारीख का स्पष्ट
उल्लेख करना तथा “जल्द से
जल्द” “तत्काल” आदि शब्दों
के प्रयोग से बचना
।
- भंडार की
खरीद के लिए डी
जी एस एंड डी को
उचित समय
देते हुए परिदान
की वास्तविक
अपेक्षाओं का उल्लेख
करना ।
- यह सुनिश्चित
करना कि तदर्थ
मांगों के लिए
यदि डी जी एस एंड
डी को मांगपत्र
दिया गया
है तो यह सभी प्रकार
से पूर्ण है तथा
सभी कॉलम विस्तारपूर्वक
भरे गए हैं और वित्तीय
मंजूरी
से संबंधित अपेक्षित
प्रमाणपत्र संलग्न
हों ।
- मांगपत्र
में मूल्य-अनुमान
सही होने चाहिए
और इनके आधार का
भी उल्लेख करना
चाहिए ।
- संविदाकारों और डी जी एस एंड डी से प्राप्त पत्रí